नए साल के ख़ुशी में कुछ गीत लिखना चाहता हूँ
कुछ दिलों में अरमां हैं पूरा करना चाहता हूँ
भुत में जो दिल रोया सवालों के जवाबो के लिए
उन सवालों का जवाब पाना चाहता हूँ
बहुत जिया रो रो कर इस महफ़िल में
अब हंस हंस कर जीना चाहता हूँ
बहुत देखा सपने बंद आँखों से
अब खुले आँखों से सपने देखना चाहता हूँ
महफ़िल में बहुत रहा अकेला
अब अकेले में महफ़िल बनाना चाहता हूँ
दिल में बहुत सुर है साज के लिए
उन सुरों को संगीत बनाना चाहता हूँ
अपनों ने बहुत रुलाया मुझे
अब उनकों मै हँसाना चाहता हूँ
कुछ लिखने का मन किया बैठ गया लिखने
क्यूंकि सच्चे शब्दों में सच का अहसास लिखना चाहते हैं ............