Saturday, 22 August 2009

जीवन

एक बात तो तय है जीवन में कुछ पाना है तो कुछ खोना पड़ेगा। लेकिन किस चीज की क्या कीमत होगी ये आप नही तय कर सकते । ये पात्र और परिस्थति पर निर्भर है । अब सवाल ये है की हम समझे कैसे की हम फायदे में है या नुकसान में । यही गुण सबमे नही होता । जो इस चीज को समझ गया उसकी तो बस निकल पड़ी । हमारे जीवन में भी बहुत उतर-चदाव आते रहते है । लेकिन बुदिमान वही है जो इस चीज से सबक ले । अब ये सबक वाली बात हो सकता है बहुत लोगो को समझ में न आए लेकिन समझना तो पड़ेगा । क्योकि अगर आगे बढ़ना है तो फ़िर इतना तो समझने के लिय तैयार रहना ही पड़ेगा । कभी हम खुश होते है तो लगता है की पुरा जंहा अपना है । जीवन बहुत प्यारी लगती है लेकिन अगर थोड़ा परेशान होते है तो बस वही जीवन को लेकर परेशानी । मै जो लिख रहा हु इसका लिखने का केवल एक ही मकसद है आप परेशानी से भागे नही बल्कि उसी में आप अपना लक्ष्य खोजे । हो सकता है उसी समस्या में भगवान ने आपको कोई नया खुशी भेजा हो। पहले आप उस समस्या को समझनेकी कोसिस तो कीजिये। मै बहुत लोगो को देखा हु की थोडी सी कोई समस्या हुआ की बस आपने आप को हारा हुआ मानकर बैठ जाते है। मेरे दोस्तों ये कमजोर लोगो की पहचान है । हम तब तक लडेंगे जब तक मंजिल नही पा लेते । मै भी मंजिल पाने की कोसिस कर रहा हूँ । अगर बिच में ही हार मन गए तो साहिल पर कौन जाएगा । डरना मत यदि डर गये तो मर गये । यदि जीत गए तो सारी दुनिया अपनी वरना ????????