जिस तरह से मनसे महाराष्ट्र में कार्य कर रही है कुछ ऐसे ही पंजाब में खालिस्तान को लेकर शुरुआत हुआ था। जो काम भिन्दरवाले ने पंजाब में किया था वही काम महारष्ट्र में राज ठाकरे कर रहा है। और उस समय भी कांग्रेस इसी तरह चुप थी और आज भी चुप है। उस समय भी कांग्रेस की सरकार केन्द्र में थी और आज भी है। अभी समय है की हम पिछली गलती से सबक ले और ऐसे असामाजिक और देश की एकता और अखंडता को चोट करने वाले लोगो को कड़ी से कड़ी सजा दे। आज वे हिन्दी में शपथ को लेकर बवाल कर रहे है कल वे बोलेंगे की सब काम मराठी भाषा में होनी चाहिए। क्या ये संभव है ? ये बात हमारे और राजनितिक दलोंको क्यो समझ में नही आ रहा है ? क्या अब इतनी गिरी हुई राजनीती हो गयी की कुछ संकीर्ण लोगो के लिय देश की एकता और अखंडता को दव पर लगा दे। ये बात कब समझ में आएगी। जो हमारे देश की आर्थिक राजधानी है वहा पर अगर इस तरह से अलगाववादी लोग पनपे तो फ़िर कौन वहा पर इन्वेस्ट करेगा। ये केवल हमारे एक मुबई और महाराष्ट्र की बात नही बल्कि पुरा भारत के लिय प्रॉब्लम पैदा हो रही है। ये मराठी लोगो के लिय भी सही नही है। अगर बाहर से कोई इन्वेस्ट नही करेगा तो क्या राज ठाकरे घर से पैसा लगायेंगे या फ़िर हफ्ता लेकर फैक्ट्री लगायेंगे। अभी तक मनसे की कार्यवाही से कम से कम २२००-५५०० करोड़ का नुकसान हो गया है। इसका कही ना कही मराठी लोगो के आय पर भी तो प्रभाव पड़ा ही होगा। ये लोग बोलते है की हम मराठो के शुभचिंतक है। ये मुबई को कितना नुकसान पंहुचा रहे है ये तो वहा के लोगो को भी पता नही। कितना बड़ा मजाक हमारे देश के साथ हो रहा है ये अभी समझ में नही आ रहा है लेकिन आगे अगर इसी तरह चला तो वो दिन दूर नही जब फ़िर एक ब्लू स्टार करना पड़े। इसके लिय कही न कही कांग्रेस की तुस्टीकरण की निति जिमेद्दार है। अभी समय है इन लोगो को कड़ी से कड़ी सजा देकर इस तरह की गतिविदी को रोक सकते है वरना ?????????????????
जय हिंद जय भारत
अनुज राठौर
1 comment:
ye bat kaun samajhayaga...ye sab apna hit dekhate hai
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